भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान – Top Fighter planes in India

मिग – २१
मिग – २१ रूस द्वारा निर्मित एक सुपरसोनिक लड़ाकू जेट विमान है। इस जेट का निर्माण सोवियत संघ के मिकोयान-गुरेविच डिज़ाइन ब्यूरो ने किया है. हाल ही में मिग-२१ को भारतीय वायु सेना से हटा दिया गया है और मिग – २९ को भर्तियां नौ-सेना में शामिल कर लिया गया है.

तेजस
तेजस विमान हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया एक हल्का लड़ाकू विमान है. तेजस को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के रूप में जाना जाता है। आरम्भ में तेजस का नाम फाल्कन विमान था। बाद में २००३ में अटल बिहार बाजपेयी ने इस विमान को तेजस नाम दिया था। यह एक सीट और एक जेट इंजन वाला विमान है, जो सभी मौसमों में उड़ान भरने में सक्षम है। यह विमान हवा से हवा, हवा से जमीन व् हवा से समुन्द्र में मार करने में सक्षम है। इस विमान से पहली उड़न वर्ष २००१ में भरी गयी थी. जनवरी २०१५ में इस विमान को भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया.

सुखोई – २० एमकेआई
इस विमान का निर्माण रूस द्वारा किया गया. यह लड़ाकू विमान रूसी सैन्य विमान निर्माता सुखोई और भारत के हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बना है। इस विमान से विभिन्न प्रकार की १२ मिसाइलें दागी जा सकती हैं. वर्ष २००२ में इसे भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया. इसकी मारक क्षमता ३००० किलोमीटर है तथा यह ४००० किलोग्राम भर ले जाने में सक्षम है. यह हवा में ईंधन भर सकता है. इसकी गति २६०० किमी/घंटा है। भविष्य में इसे ब्रह्मोस प्रक्षेपात्र से विकसित किया जायेगा.

राफेल
राफेल लड़ाकू विमान चौथी पीढ़ी से आगे का लड़ाकू विमान है , जो दो इंजनों से युक्त है तथा स्टील्थ डिज़ाइन के कारण रडार की पकड़ से बहार है.
वर्ष २०१२ में भारत ने १२६ मध्यम बहुद्देश्य लड़ाकू विमानों हेतु फ़्रांसिसी कंपनी द साल्ट एविएशन द्वारा निर्मित लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा की।
यह विमान हवा से हवा तथा हवा से जमीन पर मार करने में सक्षम है. इसकी गति २१३० किमी/घंटा है और यह ३७०० किमी तक मार करने में सक्षम है। राफेल २०११ में नाटो के लीबिया अभियान का महत्त्वपूर्ण अंग था.
मिराज २०००
इस बहु उपयोगी लड़ाकू विमान को फ्रांस की कंपनी द साल्ट एविएशन ने बनाया है। इसे “व्रज” नाम दिया गया तथा इस विमान को २९ जून १९८५ को भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था.
मिराज २००० मिसाइल और लेज़र निर्देशित बमों सहित कईं हथियारों को चलने में सक्षम है। यह हवा से सतह पर मार करने वाला लड़ाकू विमान है जिसकी गति २५३० किमी/घंटा है। मिराज २००० को अभी तक मिराज २०००-५ तक विकसित कर लिया गया है.
ध्रुव
ध्रुव का निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकाप्टर है। यह दो इंजन वाला स्वदेश हेलीकाप्टर है। इसे वर्ष २००२ में भारतीय सेना में शामिल किया गया। इसकी अधिकतम गति २४५ किमी/घंटा है। यह तटरक्षकों के सर्वेक्षण , विशेष यातायात प्रबंध तथा बाढ़ सर्वेक्षण हेतु अत्यधिक उपयोगी है.
रुस्तम
यह विमान रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन की बंगलुरु प्रयोगशाला वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान द्वारा तीनों सशस्त्र सेनाओं हेतु विकसित किया जा रहा मानव रहित विमान है। इस विमान के तीन संस्करण रुस्तम ी रुस्तम ह और रुस्तम ी हैं। यह विमान ३५००० फ़ीट ऊँचा उड़ सकता है। इस मानव रहित लड़ाकू विमान का पहला परीक्षण नवंबर २०१६ को पूरा हुआ था। फरवरी २०१८ में डीआरडीओ ने रुस्तम ी का सफल परीक्षण कर्नाटका के चित्रदुर्ग में किया। रुस्तम ी में एक बार में लगातार २४ घंटे उड़ने की क्षमता रखता है
एडवांस्ड जेट ट्रेनर (हॉक विमान )
ब्रिटेन निर्मित यह प्रशिक्षण विमान वायु सेना में शामिल है. यह विमान सुपरसोनिक स्पीड यानी धवनि की गति से तेज उड़ सकता है और हवा से हवा में मार करने में सक्षम है
मिग – २९ मिकोयान/बाज
इस विमान को सुखोई के बाद सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान माना जाता है। यह रूस द्वारा निर्मित विमान है।
जगुआर – जैगुआर भारतीय वायुसेना में शामिल एक लड़ाकू विमान है

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